BJP से जुड़ता हूं तो कोई रोक नहीं सकता- दिनेश त्रिवेदी
कोलकाता
एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के तहत चलती कार्यवाही के बीच टीएमसी सांसद दिनेश त्रिवेदी (Dinesh Trivedi) ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। उनके इस कदम से सदन में मौजूद सदस्य हैरान रह गए। त्रिवेदी का कहना है कि वह बेहद भावुक शख्स हैं। अगर पार्टी में रहते हुए आपको कहा जाए कि आप प्रधानमंत्री को गाली दीजिए, गृह मंत्री को गाली दीजिए तो वह क्यों ऐसा करेंगे। बंगाल की संस्कृति ऐसी नहीं रही है। त्रिवेदी ने कहा कि बीजेपी से जुड़ना कोई गलत बात नहीं है। पीएम नरेंद्र मोदी उनके पुराने मित्र हैं। अगर वह बीजेपी से जुड़ते हैं तो कोई रोक नहीं सकता।
दिनेश त्रिवेदी ने कहा- 'मैं जो भी करता हूं, दिल से करता हूं। मैंने पहले से सोचकर इस्तीफा नहीं दिया, बस यह हो गया।' त्रिवेदी ने कहा- 'हमें क्यों देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को गाली देनी चाहिए। बंगाल की संस्कृति में हिंसा और गाली की जगह नहीं है। मैंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमने की निंदा की थी इसलिए मेरा विरोध किया गया।'
बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर भी दिनेश त्रिवेदी ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 1990 से उनके मित्र हैं। उनके लिए बीजेपी के दरवाजे कभी बंद नहीं हुए। गृह मंत्री अमित शाह भी उनके दोस्त हैं। दोनों सिर्फ देश के बारे में सोचते हैं। मोदी जब गुजरात के सीएम थे तब वह उनसे मिलने जाते थे।
'बंगाल में हिंसा न करें ममता बनर्जी'
दिनेश त्रिवेदी ने कहा- 'ममता बनर्जी से मेरा निजी तौर पर कोई मतभेद नहीं है। मैं उनकी बेहतरी के लिए कामना करता हूं। मेरा उनसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि वह बंगाल में हिंसा न करें और हिंसा की निंदा करें। मेरे ऊपर बोझ था, अब इस्तीफा देने के बाद वह सिर से हट गया।'

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